• मृत्‍युपाश से मुक्‍त होने के लिए प्रार्थना

  • |स्तोत्र 88:1| एक गीत। कोरह वंशियों का भजन। मुख्‍यवादक के लिए, महलत लअन्नोत के अनुसार। एजरा वंशी हेमन का मसकील। हे प्रभु, मेरे उद्धारकर्ता परमेश्‍वर, मैं तेरे समक्ष दिन-रात दुहाई देता हूँ।

  • |स्तोत्र 88:2| मेरी प्रार्थना तेरे सम्‍मुख पहुंचे; तू मेरी विलाप-ध्‍वनि पर कान दे।

  • |स्तोत्र 88:3| मेरा प्राण संकटों से भर गया है; मेरा जीव मृतक-लोक के निकट पहुंच रहा है।

  • |स्तोत्र 88:4| मैं कबर में जाने वालों में गिना गया हूँ; मैं शक्‍तिहीन पुरुष के समान हूँ,

  • |स्तोत्र 88:5| मैं मृतकों में भी परित्‍यक्‍त जैसा हूँ, कबर में पड़े उन वध किए हुओं के समान हूँ, जिनको तू कभी स्‍मरण नहीं करता, जिनके सिर से तेरा हाथ उठ गया है।

  • |स्तोत्र 88:6| तूने मुझे कबर के गर्त्त में, अंधकारमय, गहरे स्‍थान में डाल दिया है।

  • |स्तोत्र 88:7| तेरे क्रोध ने मुझे दबा लिया है; अपनी समस्‍त लहरों से तू मुझे डुबा रहा है। सेलाह

  • |स्तोत्र 88:8| तूने मेरे परिचितों को मुझ से दूर कर दिया है, उनके लिए मुझे घृणा का पात्र बना दिया है। मैं बन्‍दी हूँ, और भाग नहीं सकता;

  • |स्तोत्र 88:9| पीड़ा के कारण मेरी आंखें धुंधली पड़ रही हैं। हे प्रभु, मैं तुझको प्रतिदिन पुकारता हूँ, अपने हाथ तेरी ओर फैलाता हूँ।

  • |स्तोत्र 88:10| क्‍या तू मृतकों के लिए आश्‍चर्यपूर्ण कर्म करता है? क्‍या मुर्दे उठ कर तेरी स्‍तुति करते हैं? सेलाह


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