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|यिर्मयाह 46:21|उसके किराए के सैनिक हृष्ट-पुष्ट बछड़ों के समान हैं, फिर भी वे युद्ध में पीठ दिखाकर, एक-साथ भाग गए। उन्होंने शत्रु का सामना नहीं किया। क्योंकि उनकी विपत्ति का दिन, उनका दण्ड-दिवस उन पर आ गया है।
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|यिर्मयाह 46:22|‘मिस्र भागते हुए सांप के सदृश फुफकारता है; क्योंकि उसके शत्रु-सैनिक पंिक्तबद्ध हो, उस पर चढ़े आ रहे हैं; वे हाथों में कुल्हाड़ी थामे हैं, मानो वे पेड़ काटने वाले हों।
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|यिर्मयाह 46:23|मैं-प्रभु यह कहता हूँ : वे मिस्र देश के वन को काट देंगे, यद्यपि वह अत्यन्त सघन है। वे टिड्डियों से भी अधिक अनगिनत हैं। उनकी गणना असंभव है।
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|यिर्मयाह 46:24|मिस्र की कन्या की इज्जत लूट ली जाएगी, वह उत्तर दिशा की कौम के हाथ में सौंप दी जाएगी।’
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|यिर्मयाह 46:25| स्वर्गिक सेनाओं के प्रभु, इस्राएल के परमेश्वर ने कहा, ‘नो नगर के देवता आमोन, राजा फरओ, मिस्र की जनता तथा उसके देवताओं एवं राजाओं को और फरओ पर भरोसा रखने वाले सब लोगों को मैं दण्ड देने वाला हूं।
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|यिर्मयाह 46:26| मैं उन सबको उनके प्राणों के ग्राहक, बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर तथा उसके उच्चाधिकारियों के हाथ में सौंप दूंगा। इस दण्ड के पश्चात् मिस्र देश फिर पहले की ही तरह आबाद हो जाएगा,’ प्रभु की यही वाणी है।
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इस्राएली राष्ट्र को सांत्वना
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|यिर्मयाह 46:27|‘ओ मेरे सेवक याकूब, मत डर। ओ इस्राएल, मत घबरा। देख, मैं तुझे दूर देश से, तेरी सन्तान को, उसके निष्कासन के देश से, जहां वह कैद है, निकाल लाऊंगा; तब याकूब स्वदेश लौटेगा; वह सुख और चैन से निवास करेगा, और फिर उसको शत्रु भयभीत नहीं करेगा।
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|यिर्मयाह 46:28|‘मैं-प्रभु, तुझसे कहता हूं, ओ मेरे सेवक याकूब, मत डर; क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; जिन राष्ट्रों में मैंने तुझे खदेड़ दिया था, उन-सबका मैं पूर्ण संहार करूंगा; किन्तु मैं तेरा पूर्ण विनाश नहीं करूंगा। मैं तुझको दण्ड दूंगा, मैं तुझे बिना दण्ड दिए नहीं छोड़ूंगा, परन्तु मैं तुझे उचित परिमाण में दण्ड दूंगा।’
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