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आज्ञापालन के फल
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|व्यवस्था विवरण 28:1| ‘परन्तु यदि तू अपने प्रभु परमेश्वर की वाणी ध्यानपूर्वक सुनेगा, उन समस्त आज्ञाओं के अनुसार कार्य करने को तत्पर रहेगा, जिनका आदेश आज मैं तुझे दे रहा हूँ, तो तेरा प्रभु परमेश्वर तुझ को पृथ्वी के समस्त राष्ट्रों के मध्य सर्वोच्च स्थान पर प्रतिष्ठित करेगा। a
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|व्यवस्था विवरण 28:2| यदि तू अपने प्रभु परमेश्वर की वाणी सुनेगा तो ये आशिषें तेरे पास आकर तुझको पकड़ लेंगी।
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|व्यवस्था विवरण 28:3| तू नगर में आशिष प्राप्त करेगा। तू गांव में आशिष प्राप्त करेगा।
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|व्यवस्था विवरण 28:4| तेरी देह के फल पर, तेरी भूमि की उपज पर, तेरे पालतू पशुओं और भेड़-बकरियों के बच्चों पर आशिष होगी।
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|व्यवस्था विवरण 28:5| तेरी टोकरी और आटा गूंधने के पात्र पर आशिष होगी।
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|व्यवस्था विवरण 28:6| तेरे आगमन पर आशिष होगी, तेरे प्रस्थान पर आशिष होगी।
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|व्यवस्था विवरण 28:7| ‘प्रभु आक्रमण करनेवाले तेरे शत्रुओं को तेरे सम्मुख पराजित करेगा। वे एक ओर से तुझ पर चढ़ाई करेंगे, पर तेरे सम्मुख से सात ओर भागेंगे।
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|व्यवस्था विवरण 28:8| प्रभु आशिष को आदेश देगा कि वह तेरे खत्तों और सब उद्यमों में तेरे साथ जाए। जो देश तेरा प्रभु परमेश्वर तुझे दे रहा है, उसमें वह तुझे आशिष देगा।
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|व्यवस्था विवरण 28:9| ‘यदि तू अपने प्रभु परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करेगा, और उसके मार्ग पर चलेगा तो जैसी उसने तुझ से शपथ खाई है, उसके अनुसार वह तुझको अपने लिए पवित्र लोग के रूप में प्रतिष्ठित करेगा।
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|व्यवस्था विवरण 28:10| पृथ्वी के समस्त लोग यह देखेंगे कि तू प्रभु के स्वामित्व और संरक्षण में है। [1] अत: वे तुझ से डरेंगे। b
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