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|व्यवस्था विवरण 23:21| ‘जब तू अपने प्रभु परमेश्वर के लिए मन्नत मानेगा तब उसको पूर्ण करने में विलम्ब मत करना, क्योंकि तेरा प्रभु परमेश्वर निश्चय ही तुझ से लेखा लेगा। यदि तू उसको पूर्ण नहीं करेगा तो तेरे लिए यह पाप होगा। g
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|व्यवस्था विवरण 23:22| यदि तू मन्नत नहीं मानेगा तो तेरे लिए यह पाप नहीं होगा।
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|व्यवस्था विवरण 23:23| जो शब्द तेरे मुंह से निकलते हैं, उनको पूर्ण करने के लिए सावधान रहना। जो मन्नत स्वेच्छा से, अपने मुंह से, तूने प्रभु परमेश्वर के लिए मानी है, उसको अवश्य पूर्ण करना।
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|व्यवस्था विवरण 23:24| ‘जब तू अपने पड़ोसी के अंगूर-उद्यान में जाएगा, तब वहाँ जितनी खाने की इच्छा हो, उतनी मात्रा में पेट-भर अंगूर खा सकता है, किन्तु अपनी टोकरी में एक भी अंगूर-मत रखना। h
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|व्यवस्था विवरण 23:25| जब तू अपने पड़ोसी के खड़ी फसल के खेत में जाएगा, तब अपने हाथ से बालें तोड़ सकता है, परन्तु तू अपने पड़ोसी की खड़ी फसल पर हंसिया मत चलाना।
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