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|माथिउस 12:11| येशु ने उनसे कहा, “यदि तुम्हारे एक ही भेड़ हो और वह विश्राम के दिन गड्ढे में गिर जाए, तो तुम लोगों में ऐसा कौन होगा, जो उसे पकड़ कर निकाल नहीं लेगा?
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|माथिउस 12:12| मनुष्य तो भेड़ से कहीं श्रेष्ठ है। इसलिए विश्राम के दिन भलाई करना व्यवस्था की दृष्टि में उचित है।” j
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|माथिउस 12:13| तब येशु ने उस मनुष्य से कहा, “अपना हाथ बढ़ाओ।” उसने अपना हाथ बढ़ाया और वह दूसरे हाथ की तरह स्वस्थ हो गया।
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|माथिउस 12:14| इस पर फरीसी सभागृह से बाहर निकले, और उन्होंने येशु के विरुद्ध यह परामर्श किया कि हम किस तरह उनका विनाश करें। k
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|माथिउस 12:15| येशु यह जान कर वहाँ से चले गये। बहुत लोग येशु के पीछे हो लिये। येशु ने सब को स्वस्थ कर दिया l ,
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मसीह की नम्रता
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|माथिउस 12:16| किन्तु उन्हें यह चेतावनी दी, “तुम मुझे प्रकट मत करना।” m
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|माथिउस 12:17| इस प्रकार नबी यशायाह का यह कथन पूरा हुआ n :
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|माथिउस 12:18|“यह मेरा सेवक है, इसे मैंने चुना है; यह मेरा परमप्रिय है, मैं इस पर अति प्रसन्न हूँ। मैं इसे अपना आत्मा प्रदान करूँगा और यह गैर-यहूदियों को मेरा न्याय- सिद्धान्त घोषित करेगा। o
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|माथिउस 12:19|यह न तो विवाद करेगा और न चिल्लाएगा और न चौराहों में कोई इसकी आवाज सुनेगा।
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|माथिउस 12:20|यह न तो कुचला हुआ सरकण्डा ही तोड़ेगा। और न बुझता हुआ दीपक ही बुझाएगा, जब तक वह न्याय को विजयी न बनाए।
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