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|छिछोरापन 10:11| तुम्हें इस्राएली समाज को वे सब संविधियाँ सिखाना है, जिन्हें मैंने मूसा के द्वारा इस्राएलियों को बतलाया है।’
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|छिछोरापन 10:12| मूसा हारून तथा उसके बचे हुए दोनों पुत्रों−एलआजर और ईतामर−से बोले, ‘प्रभु को अग्नि में अर्पित अन्न-बलि का शेष भाग लो, और उसको बिना खमीर डाले वेदी के निकट खाओ; क्योंकि वह परम पवित्र है। c
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|छिछोरापन 10:13| तुम उसको पवित्र स्थान में खाना। वह प्रभु को अग्नि में अर्पित बलि में से तुम्हारा और तुम्हारे पुत्रों का देय भाग है; क्योंकि मुझे ऐसी ही आज्ञा दी गई है।
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|छिछोरापन 10:14| किन्तु तुम तथा तुम्हारे साथ तुम्हारे पुत्र-पुत्रियाँ लहराया जानेवाला वक्ष और अर्पित की जानेवाली जांघ किसी शुद्ध स्थान में खा सकते हैं; क्योंकि वे इस्राएली समाज की सहभागिता-बलि में से तुम्हें एवं तुम्हारी संतान को देय भाग के रूप में दिए गए हैं। d
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|छिछोरापन 10:15| इस्राएली लोग अग्नि में अर्पित चर्बी के साथ लहराया जानेवाला वक्ष और अर्पित की जानेवाली जांघ प्रभु के सम्मुख लहर-बलि के रूप में लहराने के हेतु लाएँगे। ये तुम्हारा और तुम्हारे साथ तुम्हारे पुत्रों का स्थायी देय भाग है; जैसी प्रभु ने आज्ञा दी है।’
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|छिछोरापन 10:16| जब मूसा ने पाप-बलि के बकरे की अत्यधिक खोज की, तब ज्ञात हुआ कि वह जलाया जा चुका है [1]। वह हारून के बचे हुए दोनों पुत्रों, एलआजर तथा ईतामर, पर क्रुद्ध हुए। उन्होंने कहा,
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|छिछोरापन 10:17| ‘जब कि पाप-बलि परम पवित्र है और तुम्हें वह इसलिए दी गई है कि मण्डली के अधर्म का भार वहन करके प्रभु के सम्मुख उनके लिए प्रायश्चित्त करो तब तुमने उसको पवित्र स्थान में क्यों नहीं खाया?
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|छिछोरापन 10:18| देखो, उसका रक्त भी पवित्र स्थान के भीतरी भाग में नहीं लाया गया था। तुम्हें उसको पवित्र स्थान में निश्चय खाना चाहिए था; जैसे मैंने आदेश दिया था।’
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|छिछोरापन 10:19| हारून मूसा से बोला, ‘देखिए, आज ही उन्होंने अपनी पाप-बलि तथा अग्नि-बलि प्रभु के सम्मुख चढ़ाई, फिर भी मुझ पर ऐसी विपत्तियाँ पड़ीं! यदि मैं आज [2] पाप-बलि का माँस खाता तो क्या यह प्रभु की दृष्टि में उचित होता?’
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|छिछोरापन 10:20| जब मूसा ने यह सुना तो उन्हें अपनी दृष्टि में यह बात उचित लगी।
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