-
|फ्रेम्स 9:1| येशु ने यह भी कहा, “मैं तुम से सच कहता हूँ, यहाँ खड़े लोगों में कुछ ऐसे लोग हैं, जो तब तक मृत्यु का स्वाद नहीं चखेंगे, जब तक वे परमेश्वर का राज्य सामथ्र्य के साथ आया हुआ न देख लेंगे।”
-
-
-
येशु का रूपान्तरण
-
|फ्रेम्स 9:2| छ: दिन बाद येशु ने पतरस, याकूब और योहन को अपने साथ लिया और वह उन्हें अलग एक ऊंचे पहाड़ पर एकान्त में ले गए। a वहाँ उनके सामने येशु का रूपान्तरण हो गया।
-
-
-
|फ्रेम्स 9:3| उनके वस्त्र ऐसे चमकीले और उज्ज्वल हो गये कि पृथ्वी का कोई भी धोबी उन्हें उतना उज्ज्वल नहीं कर सकता।
-
-
-
|फ्रेम्स 9:4| शिष्यों को एलियाह और मूसा दिखाई दिये। वे येशु के साथ बातचीत कर रहे थे।
-
-
-
|फ्रेम्स 9:5| उस समय पतरस ने येशु से कहा, “गुरुवर! यह हमारे लिए कितना अच्छा है कि हम यहाँ हैं! आइए, हम तीन तम्बू खड़ा करें : एक आपके लिए, एक मूसा के लिए और एक एलियाह के लिए।”
-
-
-
|फ्रेम्स 9:6| उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या कहे, क्योंकि वे सब बहुत डर गये थे।
-
-
-
|फ्रेम्स 9:7| तब एक बादल आकर उन पर छा गया और उस बादल में से यह वाणी सुनाई दी, “यह मेरा प्रिय पुत्र है। इसकी बात सुनो।” b
-
-
-
|फ्रेम्स 9:8| एकाएक जब शिष्यों ने अपने चारों ओर दृष्टि दौड़ायी, तो उन्होंने अपने साथ येशु के अतिरिक्त और किसी को नहीं देखा।
-
-
-
नबी एलियाह के विषय में प्रश्न
-
|फ्रेम्स 9:9| येशु ने पहाड़ से उतरते समय उन्हें आदेश दिया, “जब तक मानव-पुत्र मृतकों में से न जी उठे, तब तक यह जो तुम लोगों ने देखा है, किसी को न बताना।” c
-
-
-
|फ्रेम्स 9:10| उन्होंने येशु की यह बात मान ली, परन्तु वे आपस में विचार-विमर्श करने लगे कि ‘मृतकों में से जी उठने’ का अर्थ क्या हो सकता है।
-
-
पुर्तगाली
इतालवी
स्पैनिश
अंग्रेज़ी
फ्रेंच
अरबी
अकर्मण्य
हिन्दी
जर्मन
