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खतना और पास्का (फसह) का पर्व
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|जोसू 5:1| [1] एमोरी जाति के राजा, यर्दन नदी के उस पार, पश्चिमी दिशा में रहते थे, और समुद्र तट पर कनानी जाति के राजा रहते थे। जब उन्होंने यह सुना कि प्रभु ने इस्राएली जाति के लिए यर्दन नदी का जल सुखा डाला और उन्होंने यर्दन नदी पार कर ली, तब उन राजाओं का हृदय भय से आतंकित हो गया। इस्राएली लोगों के कारण उनमें दम नहीं रहा।
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|जोसू 5:2| उस समय प्रभु ने यहोशुअ से कहा, ‘तू चकमक पत्थर की छुरियां बना और इस्राएली पुरुषों को दूसरी बार खतना वाली जाति बना।’
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|जोसू 5:3| अत: यहोशुअ ने चकमक पत्थर की छुरियाँ बनाईं और उनसे गिबअत-हाअरालोत नामक स्थान पर इस्राएली पुरुषों का खतना किया।
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|जोसू 5:4| यहोशुअ ने समस्त पुरुषों का इस कारण खतना किया: जो इस्राएली पुरुष मिस्र देश से बाहर निकले थे और जो सैनिक थे, उन सब की मृत्यु मार्ग में, निर्जन प्रदेश में, मिस्र देश से निकलने के बाद हो चुकी थी।
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|जोसू 5:5| यद्यपि मिस्र देश से बाहर निकलनेवाले सब पुरुषों का खतना हो चुका था, तथापि मिस्र देश से बाहर निकलने के बाद मार्ग में निर्जन प्रदेश में उत्पन्न होनेवाले बालकों का खतना नहीं हुआ था।
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|जोसू 5:6| जब तक समस्त इस्राएली कौम के पुरुषों की, मिस्र देश से बाहर निकलने वाले सैनिकों की, मृत्यु नहीं हुई, तब तक वे चालीस वर्ष तक निर्जन प्रदेश में भटकते रहे, क्योंकि उन्होंने प्रभु की वाणी नहीं सुनी थी। प्रभु ने शपथ खाई कि वह उन्हें उस देश के, दूध और शहद की नदियों वाले देश के, दर्शन नहीं कराएगा, जिसको प्रदान करने की शपथ उसने उनके पूर्वजों से खाई थी। a
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|जोसू 5:7| यहोशुअ ने उनके पुत्रों का, जिन्हें प्रभु ने उनके स्थान पर तैयार किया था, खतना किया; क्योकि मार्ग में उनका खतना नहीं हो सकता था।
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|जोसू 5:8| जब इस्राएली कौम के सब पुरुषों का खतना हो गया, तब वे पूर्णत: स्वस्थ होने तक अपने-अपने निवास-स्थान में, तम्बुओं में ठहरे रहे।
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|जोसू 5:9| प्रभु ने यहोशुअ से कहा, ‘आज मैंने तुम्हारे ऊपर से मिस्र देश के कलंक को दूर कर दिया।’ इसलिए आज भी उस स्थान का नाम गिलगाल [2] है।
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|जोसू 5:10| जब इस्राएली गिलगाल में पड़ाव डाले हुए थे, तब उन्होंने महीने के चौदहवें दिन सन्ध्या समय यरीहो के मैदान में पास्का का पर्व मनाया। b
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