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|जोसू 23:11| इसलिए अपने प्रभु परमेश्वर से प्रेम करने के लिए सदा तत्पर रहो! c
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|जोसू 23:12| यदि तुम प्रभु से विमुख हो जाओगे, और अपने मध्य निवास करने वाली इन शेष जातियों में घुल-मिल जाओगे, इनसे विवाह-सम्बन्ध स्थापित करोगे, उनकी कन्याओं से तुम विवाह करोगे और वे तुम्हारी कन्याओं से
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|जोसू 23:13| तो तुम निश्चय जान लो कि प्रभु परमेश्वर तुम्हारे सम्मुख से इन जातियों को फिर नहीं निकालेगा। जब तक तुम इस उत्तम देश में, जो प्रभु परमेश्वर ने तुम्हें प्रदान किया है, नष्ट नहीं हो जाओगे, तब तक वे तुम्हारे लिए जाल और फन्दा बनी रहेंगी। वे तुम्हारी आँखों में किरकिरी के सदृश और पसलियों में कांटे के समान चुभेंगी। d
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|जोसू 23:14| ‘देखो, अब मैं मृत्यु के उस मार्ग पर हूँ, जिस पर सब को चलना है। तुम सब अपने हृदय से, अपने अन्त:करण से जानते हो कि जिन अच्छे कामों को तुम्हारे लिए करने की प्रतिज्ञा प्रभु परमेश्वर ने की थी, उसने उन सब को पूर्ण किया। एक भी कार्य शेष नहीं रहा।
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|जोसू 23:15| परन्तु जैसा प्रभु परमेश्वर के वचन के अनुसार तुम्हारे हितार्थ सब भले कार्य सम्पन्न हुए, वैसा ही तुम्हारे अनिष्ट के लिए भी बुरे कार्य पूर्ण होंगे। जो देश प्रभु परमेश्वर ने तुम्हें दिया है, जब तक तुम उस पर नष्ट नहीं हो जाओगे तब तक वह तुम पर विपत्तियां ढाहता रहेगा। e
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|जोसू 23:16| यदि तुम अपने प्रभु परमेश्वर के विधान को भंग करोगे, जिसका पालन करने की आज्ञा उसने तुम्हें दी थी, और दूसरे देवताओं का अनुसरण कर उनकी पूजा करोगे, झुक कर उनकी वन्दना करोगे, तो तुम्हारे प्रति प्रभु का क्रोध भड़क उठेगा, और तुम इस उत्तम देश में, जिसको उसने तुम्हें प्रदान किया है, अविलम्ब नष्ट हो जाओगे।’
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