-
|नहीं 1:1|नीनवे नगर के सम्बन्ध में नबूवत : a एल-कोश नगर में रहनेवाले नहूम के दर्शन की पुस्तक।
-
-
-
प्रभु का स्वभाव
-
|नहीं 1:2|प्रभु ईष्र्यालु परमेश्वर है; वह प्रतिशोधी है। प्रभु प्रतिशोधी है; वह क्रोध से परिपूर्ण है। प्रभु अपने बैरियों से प्रतिशोध लेता है; वह अपने शत्रुओं से क्रोधपूर्ण व्यवहार करता है।
-
-
-
|नहीं 1:3|प्रभु विलम्ब-क्रोधी और महाशक्तिशाली है। प्रभु निस्सन्देह अपराधी को बिना दण्ड दिए नहीं छोड़ेगा। b प्रभु का राजमार्ग चक्रवात और तूफान हैं, उसके चरणों की धूल मेघों के दल हैं।
-
-
-
|नहीं 1:4|वह जल को सुखानेवाला है; उसकी डांट से समुद्र, और समस्त नदियाँ सूख जाती हैं। तब बाशान का कछार और कर्मेल का हरित पहाड़ी क्षेत्र मुरझा जाते हैं, लबानोन का हरा-भरा प्रदेश कुम्हला जाता है।
-
-
-
|नहीं 1:5|प्रभु के सम्मुख पहाड़ कांपते हैं, पहाड़ियाँ हिलने लगती हैं। उसकी उपस्थिति से, पृथ्वी और उस पर रहनेवाले प्राणी, उजड़ जाते हैं।
-
-
-
|नहीं 1:6|प्रभु के क्रोध के सम्मुख कौन खड़ा रह सकता है? उसकी क्रोधाग्नि को कौन सह सकता है? उसका कोप अग्नि की तरह बरसता है, और प्रभु के सामने चट्टानें फूट जाती हैं।
-
-
-
|नहीं 1:7|प्रभु भला है। वह संकट-काल में आश्रय-स्थल है। वह अपने शरणागत को जानता है।
-
-
-
|नहीं 1:8|वह जलप्रलय से अपने बैरियों का पूर्ण संहार करता है; वह महाअंधकार में अपने शत्रुओं को खदेड़ देता है। c
-
-
-
प्रतिशोध
-
|नहीं 1:9|तुम प्रभु के खिलाफ क्या षड्यन्त्र रच रहे हो? वह तुम्हारा पूर्ण संहार करेगा। अपने शत्रुओं से दुबारा प्रतिशोध लेने की उसे आवश्यकता नहीं पड़ती।
-
-
-
|नहीं 1:10|वे अपनी रंगरलियों में [1] उलझे हुए कांटों की तरह, सूखे भूसे की तरह भस्म हो जाएंगे।
-
-
पुर्तगाली
इतालवी
स्पैनिश
अंग्रेज़ी
फ्रेंच
अरबी
अकर्मण्य
हिन्दी
जर्मन
