• अध्यायों द्वारा पढ़ें
    1 2 3 4 5

  • |1 जॉन 5:11| और वह साक्षी यह है-परमेश्‍वर ने हमें शाश्‍वत जीवन प्रदान किया है और यह जीवन उसके पुत्र में है।

  • |1 जॉन 5:12| जिसे पुत्र प्राप्‍त है, उसे वह जीवन प्राप्‍त है और जिसे परमेश्‍वर का पुत्र प्राप्‍त नहीं है, उसे वह जीवन प्राप्‍त नहीं। h 
  • शाश्‍वत जीवन

  • |1 जॉन 5:13| तुम सब परमेश्‍वर के पुत्र के नाम में विश्‍वास करते हो। मैं तुम्‍हें यह पत्र लिख रहा हूँ जिससे तुम यह जानो कि तुम्‍हें शाश्‍वत जीवन प्राप्‍त है। i 

  • |1 जॉन 5:14| हमें परमेश्‍वर पर यह पूर्ण भरोसा है कि यदि हम उसकी इच्‍छानुसार उस से कुछ भी माँगते हैं, तो वह हमारी सुनता है। j 

  • |1 जॉन 5:15| यदि हम यह जानते हैं कि हम जो भी माँगें, वह हमारी सुनता है, तो हम यह भी जानते हैं कि हमने जो कुछ परमेश्‍वर से माँगा है वह हमें मिल गया है।

  • |1 जॉन 5:16| यदि कोई अपने भाई अथवा बहिन को ऐसा पाप करते देखता है जो प्राणघातक न हो [1], तो वह उसके लिए प्रार्थना करे और परमेश्‍वर उसका जीवन सुरक्षित रखेगा। यह उन लोगों पर लागू है जिनका पाप प्राणघातक नहीं है; क्‍योंकि एक पाप ऐसा भी होता है जो प्राणघातक है। उसके विषय में मैं नहीं कहता कि प्रार्थना करनी चाहिए। k 

  • |1 जॉन 5:17| सब अधर्म पाप है, किन्‍तु ऐसा पाप भी है जो प्राणघातक नहीं है।

  • |1 जॉन 5:18| हम जानते हैं कि जो परमेश्‍वर से उत्‍पन्न हुआ है, वह पाप नहीं करता। परमेश्‍वर का पुत्र उसकी रक्षा करता है और दुष्‍ट शैतान उसे स्‍पर्श तक नहीं करने पाता। l 

  • |1 जॉन 5:19| हम जानते हैं कि हम परमेश्‍वर के हैं, जब कि समस्‍त संसार उस दुष्‍ट के वश में है। m 

  • |1 जॉन 5:20| हम जानते हैं कि परमेश्‍वर-पुत्र आया है और उसने हमें सच्‍चे परमेश्‍वर को पहचानने की समझ दी है। हम सच्‍चे परमेश्‍वर में निवास करते हैं; क्‍योंकि हम उसके पुत्र येशु मसीह में निवास करते हैं। यही सच्‍चा परमेश्‍वर और शाश्‍वत जीवन है। n 


COOKIES

Utilizamos cookies para oferecer melhor experiência, melhorar o desempenho, analisar como você interage em nosso site e personalizar conteúdo. Ao utilizar este site, você concorda com o uso de cookies.

Dados Essenciais

Os dados essenciais são necessários para executar o site que você está visitando. Você não pode desativá-los.